Archive for the ‘हरभजन Singh’ Category
भारत का क्षीण होता स्पिन akraman
दिलीप प्रेम्चंद्रण ने भारत के क्षीण होते स्पिन अक्रामन के बारे में एक सटीक टिपण्णी लिखी हे । अनिल कुंबले के संन्यास के बाद भारत का स्पिन आक्रमण अपनी धार खो रहा हैं। किसी को यह अस्चर्या नही होना चाहिए यदि मोहाली में भारत ३ तेज गेंदबाजो के साथ मैदान में उतरे।
हरभजन अपने जिम्मेदारियों को निभा पाने में असफल रहे हैं। उनकी बल्लेबाजी निखर रही हैं, परन्तु उनकी गेंदबाजी में २००१-०३ जैसा पैनापन नही रहा हे। पिछले ४ सालो में उन्होंने सिर्फ़ २ बार किसी मैच में १० या अधिक विकेट लिए हैं। कुंबले के बाद हमारे पास विश्व स्टार का कोई भी स्पिनर नही हे और यदि हरभजन अपने कर्तव्य को ना निभा पाए तो इससे बुरी बात नही हो सकती क्युकी २००१ के उद्भव के बाद उनसे काफी उम्मीदें लगे जा रही हैं।
अमित मिश्रा को परिपक्व होने में थोड़ा समय लगेगा। इशांत और ज़हीर के रूप में हमे २ टेस्ट गेंदबाज मील गए हैं। विदेशी दौरों पर तीसरा तेज़ गेंदबाज खिलाये या फिरकी गेंदबाज खिलाये, इस सवाल से धोनी को २-४ होना पड़ेगा। और उस परिस्थिथि में हरभजन का बहार बैठना उनके मनोबल के लिए घटक होगा……